पहले हैकर का मतलब समझते है, हैकर एक ऐसा व्यक्ति होता है, जो आपके फोन, टैबलेट, लैपटॉप या कंप्यूटर जैसे डिवाइसेज में ऐसे एलिमेंट्स या प्रोग्राम इंस्टॉल कर देता है, जो आपके डिवाईस से सारा डाटा जैसे क्रेडिट कार्ड डिटेल, प्राईवेट फोटोज, बैंकिंग डिटेल, सोशल मीडिया अकाउंट्स के पासवर्ड या बहुत सेंसिटिव कंटेंट चुरा लेता है, और उसका गलत इस्तेमाल करता है।
जैसे आपके Twitter अकाउंट का पासवर्ड चुरा गलत चीजें पोस्ट करना। हाल ही में Twitter के CEO का अकाउंट हैक कर उनके अकाउंट से रंगभेदी और नस्लभेदी ट्वीट किये गए।
ये बिल्कुल ऐसे है जैसे कोई आपके घर में बिना आपकी मर्जी के घुसकर आपकी चीजों का इस्तेमाल करें, और आप उसे कुछ कह भी न पाएं।
हैकर्स वैसे तो 10 तरह के होते है, पर तीन प्रकार के हैकर सबसे ज्यादा पाए जाते है, व्हाईट कैप या लीगल हैकर, ग्रे कैप, ब्लैक कैप या Illegal हैकर।
अब आप कहेंगे कि भला कोई कंपनी खुद ही अपने सॉफ्टवेयर को क्यूं हैक करवाऐंगी?
दर-असल, ऐसा यह देखने के लिये किया जाता है कि कंपनी की डिजिटल सिक्योरिटी में कहाँ कमी रह गई है? एक बार हैक करने के बाद, लीगल हैकर कंपनी को कोई नुकसान नही पहुँचाता है बल्कि वो उस तरह की हैकिंग से बचने के तरीके और सॉफ्टवेयर एंटी-वायरस डेवलप करता है।
इसके बदले वो कंपनी उसे उसके काम के लिए पेमेंट करती है। एक लीगल हैकर की भारत में एवरेज सालाना कमाई 8-15 लाख रूपये है।
ग्रे कैप जो बस सीखने के लिए आपके डिवाईस को हैक कर लेते है, वो आपके डाटा को कोई नुकसान नही पहुँचाते है। उदाहरण के तौर पर कुछ महीनों पहले Apple कंपनी को 16 साल के एक टीनेजर ने हैक कर लिया था। बाद में उसे कैलिफोर्निया से अरेस्ट कर 6 महीने की कैद और $1,000 की फाईनेंशियल पनिशमेंट सुनाई गई।
ब्लैक कैप वो जो आपके डिवाइस को हैक कर उसका डाटा चोरी करते है और उसका मिसयूज करते है।
ग्रे कैप और ब्लैक कैप हैकर दोनों को ही इल्लीगल माना जाता है, और किसी साईबर क्राइम में दोषी पाये जाने पर सजा भी दी जाती है।
जैसे आपके Twitter अकाउंट का पासवर्ड चुरा गलत चीजें पोस्ट करना। हाल ही में Twitter के CEO का अकाउंट हैक कर उनके अकाउंट से रंगभेदी और नस्लभेदी ट्वीट किये गए।
ये बिल्कुल ऐसे है जैसे कोई आपके घर में बिना आपकी मर्जी के घुसकर आपकी चीजों का इस्तेमाल करें, और आप उसे कुछ कह भी न पाएं।
हैकर्स वैसे तो 10 तरह के होते है, पर तीन प्रकार के हैकर सबसे ज्यादा पाए जाते है, व्हाईट कैप या लीगल हैकर, ग्रे कैप, ब्लैक कैप या Illegal हैकर।
लीगल हैकर
लीगल हैकर को एथिकल हैकर या व्हाईट कैप हैकर भी कहते है। ये हैकर्स विभिन्न कंपनियो के सॉफ्टवेयर्स उन कंपनियो की इजाजत से, उनके कहने पर को हैक करते है।अब आप कहेंगे कि भला कोई कंपनी खुद ही अपने सॉफ्टवेयर को क्यूं हैक करवाऐंगी?
दर-असल, ऐसा यह देखने के लिये किया जाता है कि कंपनी की डिजिटल सिक्योरिटी में कहाँ कमी रह गई है? एक बार हैक करने के बाद, लीगल हैकर कंपनी को कोई नुकसान नही पहुँचाता है बल्कि वो उस तरह की हैकिंग से बचने के तरीके और सॉफ्टवेयर एंटी-वायरस डेवलप करता है।
इसके बदले वो कंपनी उसे उसके काम के लिए पेमेंट करती है। एक लीगल हैकर की भारत में एवरेज सालाना कमाई 8-15 लाख रूपये है।
इल्लीगल हैकर
ये दो तरह के होते है ग्रे कैप और ब्लैक कैप।ग्रे कैप जो बस सीखने के लिए आपके डिवाईस को हैक कर लेते है, वो आपके डाटा को कोई नुकसान नही पहुँचाते है। उदाहरण के तौर पर कुछ महीनों पहले Apple कंपनी को 16 साल के एक टीनेजर ने हैक कर लिया था। बाद में उसे कैलिफोर्निया से अरेस्ट कर 6 महीने की कैद और $1,000 की फाईनेंशियल पनिशमेंट सुनाई गई।
ब्लैक कैप वो जो आपके डिवाइस को हैक कर उसका डाटा चोरी करते है और उसका मिसयूज करते है।
ग्रे कैप और ब्लैक कैप हैकर दोनों को ही इल्लीगल माना जाता है, और किसी साईबर क्राइम में दोषी पाये जाने पर सजा भी दी जाती है।
आशा है आपको आपके प्रश्न का उत्तर मिल गया होगा।

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